गाजियाबाद। सावन की शिवरात्रि में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने ट्रैफिक डाइवर्जनका ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। 10 जुलाई के बाद शहर की अंदरूनी सड़कों पर हैवी ट्रैफिक की एंट्री बंद कर दी जाएगी। कांवड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ एनएच-58 पर पहले वन-वे ट्रैफिक की व्यवस्था की जाएगी और बाद में भीड़ बढ़ने पर रूट बंद कर दिया जाएगा। जो व्यक्ति प्राइवेट वीइकल से हरिद्वार जाना चाहेंगे, वह एनएच-24 से वाया हापुड़ होते हुए अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था अस्त-व्यस्त न हो, इसका पूरा बंदोबस्त कर लिया गया है। आवश्यक सेवाओं के लिए प्रतिबंधित रूट पर पास जारी किए जाएंगे।
प्रशासन ने हरिद्वार से गाजियाबाद तक के रूट पर सुरक्षा व्यवस्था का चाक-चौबंद बंदोबस्त किया है। इस रूट पर पुलिस पिकेट और गश्ती दल के साथ रिजर्व फोर्स भी तैनात रहेगी, जो जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करेगी। खुफिया एजेंसियां आतंकी खतरे की आशंका जता रही हैं। इसके मद्देनजर जिला पुलिस खास सतर्कता बरत रही है। हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर आने वाले लाखों श्रद्धालु शहर के प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में जलाभिषेक करने आते हैं। इस बार प्रशासन शिवभक्तों की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कावंडि़यों की सेवा के लिए केवल उन्हीं लोगों को कैंप लगाने की छूट दी जाएगी, जो पहले भी कैंप लगाते रहे हैं। यहीं नहीं, खुफिया इकाई और पुलिस के जवान भी कांवडि़यों के भेष में घूमेंगे, जिससे अगर कोई व्यक्ति गड़बड़ करने की कोशिश करे तो उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया जाए। प्रशासन के अनुसार 16 जुलाई से कांवडि़यों की इस रूट पर तादाद बढ़ेगी तो घंटाघर से दिल्ली गेट तक सीमित संख्या में गाडि़यों को अनुमति दी जा सकेगी। कांवड़ मेले में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों की जल्द मीटिंग होगी, जिसमें महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में जीआरपी प्रभारी ओमहरि बाजपेयी ने बताया कि कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार और ऋषिकेश जाते है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के साथ कांवडि़यों की भीड़ को नियंत्रित करना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। इसलिए पिलखुवा, बृजघाट, सिंभावली में अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में जीआरपी प्रभारी ओमहरि बाजपेयी ने बताया कि कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार और ऋषिकेश जाते है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के साथ कांवडि़यों की भीड़ को नियंत्रित करना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। इसलिए पिलखुवा, बृजघाट, सिंभावली में अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी।
प्रशासन ने हरिद्वार से गाजियाबाद तक के रूट पर सुरक्षा व्यवस्था का चाक-चौबंद बंदोबस्त किया है। इस रूट पर पुलिस पिकेट और गश्ती दल के साथ रिजर्व फोर्स भी तैनात रहेगी, जो जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई करेगी। खुफिया एजेंसियां आतंकी खतरे की आशंका जता रही हैं। इसके मद्देनजर जिला पुलिस खास सतर्कता बरत रही है। हरिद्वार और गोमुख से गंगाजल लेकर आने वाले लाखों श्रद्धालु शहर के प्राचीन सिद्धपीठ दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर में जलाभिषेक करने आते हैं। इस बार प्रशासन शिवभक्तों की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कावंडि़यों की सेवा के लिए केवल उन्हीं लोगों को कैंप लगाने की छूट दी जाएगी, जो पहले भी कैंप लगाते रहे हैं। यहीं नहीं, खुफिया इकाई और पुलिस के जवान भी कांवडि़यों के भेष में घूमेंगे, जिससे अगर कोई व्यक्ति गड़बड़ करने की कोशिश करे तो उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया जाए। प्रशासन के अनुसार 16 जुलाई से कांवडि़यों की इस रूट पर तादाद बढ़ेगी तो घंटाघर से दिल्ली गेट तक सीमित संख्या में गाडि़यों को अनुमति दी जा सकेगी। कांवड़ मेले में यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों की जल्द मीटिंग होगी, जिसमें महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में जीआरपी प्रभारी ओमहरि बाजपेयी ने बताया कि कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार और ऋषिकेश जाते है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के साथ कांवडि़यों की भीड़ को नियंत्रित करना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। इसलिए पिलखुवा, बृजघाट, सिंभावली में अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी। गाजियाबाद रेलवे स्टेशन में जीआरपी प्रभारी ओमहरि बाजपेयी ने बताया कि कांवड़ मेले में बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार और ऋषिकेश जाते है। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के साथ कांवडि़यों की भीड़ को नियंत्रित करना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। इसलिए पिलखुवा, बृजघाट, सिंभावली में अतिरिक्त फोर्स लगाई जाएगी।