गाजियाबाद। शहर के मेरठ रोड औधोगिक क्षेत्र में तीस गायों की संदिग्ध मौत हो गई। स्थानीय लोगो का आरोप है कि गायों की जान हमदर्द फैक्ट्री से निकलने वाले बायोवेस्टेज खाने से हुइ है। फिलहाल इस मामले की जांच के लिए डाक्टरों और पुलिस की एक टीम बनाई गई है।
जांच के दौरान डाक्टरों बायोवेस्टेज के सैंपल में कई जहरीले पदार्थ मिले हैं। जिससे गायों को फूड प्वाइजनिंग हुआ और यही उनकी मौत का सबब बना। गायों की मौत खबर मिलते ही भरतीय जनता पार्टी, शिवसेना व बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने गायों की मौत पर उग्र प्रर्दशन किया और मेरठ- दिल्ली हाइवे पर जाम लगाया। वे पुलिस से हमदर्द कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रदाई करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे पुलिस के अफसरों ने उत्तेजित लोगों को समझा कर शांत किया। उत्तेजित लोग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही शांत हुए।
हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि ये वेस्टेज हमदर्द कंपनी से ही निकाल कर फेंका गया है। इस मामले में जिलाधिकारी व एसएसपी ने ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच करने के लिए टीमों का गठन कर दिया है। बायोवेस्टेज खाने से ध्यानचंद की गाय तथा गौशाला की गायों की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों ने थाना सिहानीगेट का भी घेराव किया है ताकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके। उधर कंपनी प्रबंधन इस संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने यहां बायोवेस्टेज फेंकने से साफ इंकार किया है।
जांच के दौरान डाक्टरों बायोवेस्टेज के सैंपल में कई जहरीले पदार्थ मिले हैं। जिससे गायों को फूड प्वाइजनिंग हुआ और यही उनकी मौत का सबब बना। गायों की मौत खबर मिलते ही भरतीय जनता पार्टी, शिवसेना व बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने गायों की मौत पर उग्र प्रर्दशन किया और मेरठ- दिल्ली हाइवे पर जाम लगाया। वे पुलिस से हमदर्द कंपनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रदाई करने की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे पुलिस के अफसरों ने उत्तेजित लोगों को समझा कर शांत किया। उत्तेजित लोग कंपनी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही शांत हुए।
हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि ये वेस्टेज हमदर्द कंपनी से ही निकाल कर फेंका गया है। इस मामले में जिलाधिकारी व एसएसपी ने ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने मामले की जांच करने के लिए टीमों का गठन कर दिया है। बायोवेस्टेज खाने से ध्यानचंद की गाय तथा गौशाला की गायों की मौत हुई है। प्रदर्शनकारियों ने थाना सिहानीगेट का भी घेराव किया है ताकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके। उधर कंपनी प्रबंधन इस संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने यहां बायोवेस्टेज फेंकने से साफ इंकार किया है।