अहमदाबाद। गुजरात में जहरीली शराब पीने से अब तक 109 लोगों की मौत हो चुकी है। अब इस पर जमकर राजनीति भी शुरू हो चुकी है।
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा का एक नेता शराब सप्लाई का काम करता था, लिहाजा शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद में भाजपा के दफ्तर में जमकर तोडफोड़ की।
गुरुवार से ही गुजरात विधानसभा के अंदर और बाहर नारेबाजी भी चल रही है। अहमदाबाद के सैकड़ों घरों में चूल्हे नहीं जले हैं, सिर्फ मातम है।
जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या सौ पार कर गई है। इतने ही लोग अस्पतालों में दाखिल हैं। पुलिस को शक है कि जहरीली शराब खेड़ा जिले के मेहमदाबाद से लाई गई। ये शराब ओढव, बापूनगर, रहक्याल, अमराइवाड़ी में सप्लाई की गई।
इस मामले में पकड़े गए हरिओम कहार बारे में अब नए−नए खुलासे हो रहे हैं। वह हनुमान मंदिर की आड़ में शराब का कारोबार रहता रहा। इस मंदिर में शराब पैक करने वाली थैलियां मिली हैं। उसे पकड़ने के लिए पुलिस कमिश्नर के दस्तख़त से आदेश भी जारी हुआ था।
पता चल रहा है कि 1000 लीटर जहरीली शराब सप्लाई हुई। ज़हरीली शराब पीने वाले दो−ढाई सौ लोगों के बारे में तो पता चल चुका है, लेकिन तमाम ऐसे हैं, जो घर में ही पड़े इलाज करा रहे हैं।
सवाल है कि अपने शानदार प्रशासन के लिए दुनिया भर की वाहवाही लूटने में जुटी मोदी सरकार को ये 1000 लीटर शराब क्यों नहीं दिखी। क्या वह सिर्फ उद्योगतियों को देखती है,
कांग्रेस का कहना है कि भाजपा का एक नेता शराब सप्लाई का काम करता था, लिहाजा शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद में भाजपा के दफ्तर में जमकर तोडफोड़ की।
गुरुवार से ही गुजरात विधानसभा के अंदर और बाहर नारेबाजी भी चल रही है। अहमदाबाद के सैकड़ों घरों में चूल्हे नहीं जले हैं, सिर्फ मातम है।
जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या सौ पार कर गई है। इतने ही लोग अस्पतालों में दाखिल हैं। पुलिस को शक है कि जहरीली शराब खेड़ा जिले के मेहमदाबाद से लाई गई। ये शराब ओढव, बापूनगर, रहक्याल, अमराइवाड़ी में सप्लाई की गई।
इस मामले में पकड़े गए हरिओम कहार बारे में अब नए−नए खुलासे हो रहे हैं। वह हनुमान मंदिर की आड़ में शराब का कारोबार रहता रहा। इस मंदिर में शराब पैक करने वाली थैलियां मिली हैं। उसे पकड़ने के लिए पुलिस कमिश्नर के दस्तख़त से आदेश भी जारी हुआ था।
पता चल रहा है कि 1000 लीटर जहरीली शराब सप्लाई हुई। ज़हरीली शराब पीने वाले दो−ढाई सौ लोगों के बारे में तो पता चल चुका है, लेकिन तमाम ऐसे हैं, जो घर में ही पड़े इलाज करा रहे हैं।
सवाल है कि अपने शानदार प्रशासन के लिए दुनिया भर की वाहवाही लूटने में जुटी मोदी सरकार को ये 1000 लीटर शराब क्यों नहीं दिखी। क्या वह सिर्फ उद्योगतियों को देखती है,