देहरादून एनकाउंटर के पीछे लव अफेयर!

मेरठ। उत्तराखंड पुलिस के 'एनकाउंटर' में मारे गए गाजियाबाद निवासी रणवीर के मामले में अब प्रेम-प्रसंग की कडि़यां भी जुड़ रही हैं। इस कांड को अंजाम देने के पीछे मेरठ में तैनात एक जेई का शातिर दिमाग बताया जा रहा है, जो देहरादून में भू-माफिया के रूप में जाना जाता है। शासन की पहल पर इस जेई के बारे में जांच शुरू कर दी गई है।
इस मामले में उत्तराखंड की पुलिस शुरू से कटघरे में खड़ी दिखाई दे रही है। पुलिस के बयान और मौके से मिले सबूत व पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। लेकिन, ऐसा करने के पीछे पुलिस का मकसद क्या था, यह साफ नहीं हो पा रहा था। पर अब इस रहस्य से भी पर्दा उठने लगा है।
कौन है यह जेई : जानकारी मिल रही है कि इस कांड के पीछे मेरठ में जेई के पद पर तैनात एक शातिर दिमाग का हाथ है। फिलहाल यह जेई छह महीने से सस्पेंड है और देहरादून में प्रॉपर्टी का काम करता है। लोग वहां इसे भू-माफिया के रूप में जानते हैं। जब रणवीर मेरठ में रह कर एमबीए कर रहा था, तभी वह इस शख्स की बेटी के संपर्क में आया था। चार महीने पहले दोनों कुछ दिनों के लिए गायब भी हो गए थे। ऊंची पहुंच वाले जेई ने तब अपनी बेटी को ढूंढ निकाला था। लेकिन, दोनों का चोरी-छिपे मिलना जारी रहा।
तस्वीर का दूसरा पहलू : रणवीर अपने घरवालों से एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी मिलने की बात कह कर दरअसल अपनी प्रेमिका से मिलने देहरादून गया था। उसके साथ दो साथी भी थे। कहा जाता है कि प्रेमिका के घर पर रणवीर की उसके पिता से कहासुनी हुई। पिता ने पास की पुलिस चौकी से अपने एक परिचित दरोगा को बुला लिया। रणवीर के दोनों साथी तो फरार हो गए, लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वहां रणवीर की दरोगा से गर्मागर्मी हुई। इस पर दरोगा ने अपने साथियों को बुला लिया। पुलिस वाले रणवीर की जमकर पिटाई करने के बाद उसे जीप में डाल कर अपने साथ ले गए। रणवीर की बाइक उसकी प्रेमिका के घर के बाहर खड़ी रही। आधा घंटे बाद एक पुलिस वाला उस बाइक को अपने साथ ले गया। बाद में बाइक कथित एनकाउंटर वाली जगह से बरामद दिखाई गई।
बेमेल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी पुलिस की कहानी से मेल नहीं खा रही है। शरीर पर 12 गोलियों के निशान कालापन लिए हुए हैं जिससे पता चलता है कि रणवीर को करीब से गोलियां मारी गई थीं। शरीर पर चोट के 27 बाकी जख्म इस बात की ओर इशारा करते हैं कि उसे मारने से पहले टॉर्चर किया गया था। चर्चा यह भी है कि रणवीर की मौत पुलिसिया टॉर्चर के दौरान ही हो गई थी। मेरठ के जेई का इस मामले से जुड़े होने की खबर को लखनऊ ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के आला अधिकारियों से जेई के संबंध में तफसील से रिपोर्ट मांगी है।

SANJAY SHARMA

मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। इसके बाद मुझे वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। इसके बाद कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

Post a Comment

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

Previous Post Next Post

Contact Form