रेल कोच कारखान प्रकरणः माया के जमीन वापसी के आदेश पर हाईकोर्ट

लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने रायबरेली में प्रस्तावित रेल कोच कारखाने के मामले मे सोमवार को यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। 2200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाल यह कारखान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में आता है, जिसका शिलान्यास मंगलवार को सोनिया गांधी के द्वारा किया जाना था।
न्यायमूर्ति प्रदीपकांत और न्यायमूर्ति वेदपाल की खंडपीठ ने यह अंतरिम आदेश दो याचिकाओ की सुनवाई के बाद पारित किए। भारत सरकार एवं अन्य की ओर से अवनेंद्र तथा रायबरेली के अहर गांव के किसानों की और से दिनेश चंद्र मिश्रा द्वारा दाखिल याचिकाओं पर यह अद्बतरिम आदेश पारित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को एक सप्ताह में बयान हल्फी दायर करने के निर्देश दिए गए हैं।
अदालत ने अपने आदेश में संबंधित जमीनों पर किसी प्रकार के निर्माण अथवा उसके आवंटन पर अगले आदेशों तक रोक लगाई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थानीय किसानो के विरोध की बात कर रेल कोच कारखाने के लिए रेल विभाग को दिए गए 189.25 हेक्टेयर जमीन कल ही वापस ले लेने की वजह से यह मामला अदालत पहुंचा।सोनिया गांधी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्चट की आधारशिला रखने के लिए रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के साथ मंगलवार को रायबरेली जा रही हैं। शिलावन्यास के बाद आयोजित होने वाले समारोह के संबंध में अदालत ने कोई दिशा निर्देश नहीं दिए। इस परियोजना से जुड़े सिफ्र कानूनी पहलुओं का ही अदालत ने सज्ञान लिया।

SANJAY SHARMA

मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। इसके बाद मुझे वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। इसके बाद कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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