नई दिल्ली। लक्ष्मीनगर के नजदीक विकास मार्ग पर बन रहे मेट्रो एक निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा रविवार की सुबह गिर गया। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 35 लोग जख्मी हुए हैं। निर्माणाधीन रूट क्नाट प्लेस को आनंद विहार और वैशाली को जोड़ेगा। मेट्रो फ्लाईओवर का करीब 15 फीट लंबा स्लैब क्रेन सहित नीचे आ गया। अति व्यस्त होने के कारण उस समय इसके नीचे से कई गाड़ियां गुजर रही थीं जो इस घटना की चपेट में आ गईं। मेट्रो रेल के इतिहास में निर्माणाधीन पुल का पूरा ढांचा सड़क पर गिरने की यह पहली घटना है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना सुबह लगभग सात बजे वालिया नर्सिंग होम के करीब हुई जब एक मेट्रो ट्रैक सड़क पर आ गिरा। रूट नंबर 39 की एक ब्लूलाइन बस, ट्रक और एक कार के मलबे की चपेट में आने से बस चालक सुरेन्दर पाल की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली सरकार के मंत्री डा. ए के वालिया. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार विजय कुमार मल्होत्रा, भाजपा नेता हर्षवर्द्धन और महापौर आरती मेहरा घटनास्थल पर पहुंचे।
इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय आनंद ने दुर्घटना के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम मेट्रो रेल का ढांचा लगाते समय इसी तरह की लांचिंग का इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन इस तरह का हादसा पहली बार हुआ है। यह तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है जिसकी वजह से एक हिस्से में पूरे लोहे का ढांचा और इसके साथ लगे स्लैब्स नीचे गिर गए। आनंद ने कहा कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और जो लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना सुबह लगभग सात बजे वालिया नर्सिंग होम के करीब हुई जब एक मेट्रो ट्रैक सड़क पर आ गिरा। रूट नंबर 39 की एक ब्लूलाइन बस, ट्रक और एक कार के मलबे की चपेट में आने से बस चालक सुरेन्दर पाल की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली सरकार के मंत्री डा. ए के वालिया. भारतीय जनता पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार विजय कुमार मल्होत्रा, भाजपा नेता हर्षवर्द्धन और महापौर आरती मेहरा घटनास्थल पर पहुंचे।
इस बीच दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर विजय आनंद ने दुर्घटना के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम मेट्रो रेल का ढांचा लगाते समय इसी तरह की लांचिंग का इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन इस तरह का हादसा पहली बार हुआ है। यह तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है जिसकी वजह से एक हिस्से में पूरे लोहे का ढांचा और इसके साथ लगे स्लैब्स नीचे गिर गए। आनंद ने कहा कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और जो लोग दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।