नोएडा। बागपत में व्यापारियों पर फायरिंग करने वाले बदमाशों में से एक को पुलिस ने बुधवार को नोएडा में हुई एक मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि एक बदमाश के घायल होने की खबर है। मारे गए बदमाश का नाम काली बताया जा रहा है। उस पर 20,000 का इनाम था।
प्रारंभिक खबरों में बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ बदमाशों द्वारा एक गाड़ी को लूटने के दौरान हुई। लूट की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में एक बदमाश की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकरियों के मुताबिक मुठभेड़ थाना सेक्टर 39 क्षेत्र में हुई।
प्रारंभिक खबरों में बताया जा रहा है कि यह मुठभेड़ बदमाशों द्वारा एक गाड़ी को लूटने के दौरान हुई। लूट की खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में एक बदमाश की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। पुलिस अधिकरियों के मुताबिक मुठभेड़ थाना सेक्टर 39 क्षेत्र में हुई।
एक ही वारदात को अंजाम देर उत्तर प्रदेश को हिला देने वाला कुख्यात बदमाश नरेंद्र उर्फ कालू को देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। पुलिस की मानें तो नरेंद्र और उसका साथी बिना नंबर की पल्सर मोटर साइकिल पर सवार होकर एक्सप्रेस-वे से ग्रेटर नोएडा की ओर जा रहे थे। पुलिस ने मोटरसाइकिल को रुकने का इशारा किया मगर बदमाशों ने रुकने की बजाय मोटरसाइकिल से भागने का प्रयास किया। पुलिस इनका पीछा कर रही थी तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी। थोड़ी दूर पहुंचते ही पुलिस ने मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे बदमाश नरेंद्र उर्फ कालू को गोली मार दी। जबकि उसका साथी फरार हो गया।
सवाल उठता है कि मोटरसाइकिल गिरने के बाद नरेंद्र का दूसरा साथी यहां से कैसे फरार हुआ इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है। मुठभेड़ के बाद कई अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके चतुर्वेदी ने बताया कि नरेंद्र उर्फ कालू ने बागपत में व्यापारियों से रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सात व्यापारियों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसमें चार व्यापारियों की मौत हो गई थी। इस वारदात ने बागपत ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश हिलाकर रख दिया था। जिसे बागपत पुलिस तलाश कर रही थी उसे नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
नरेंद्र के ऊपर करीब एक दर्जन मुकदमें चल रहे हैं जिसमें हत्या, लूट तथा रंगदारी के मामले हैं। दिल्ली में भी एक हत्या के मामले में नरेंद्र वांछित चल रहा था। पुलिस ने यह मुठभेड़ एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-98 में सुनसान जगह पर की। जिसमें तीन गोलियां नरेंद्र को लगीं और उसे अस्पताल पहुंचाया गया मगर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में मुख्य भूमिका सेक्टर-39 कोतवाल अनिल समानिया व सलारपुर चौकी इंचार्ज टीजे सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों ने निभाई।
सवाल उठता है कि मोटरसाइकिल गिरने के बाद नरेंद्र का दूसरा साथी यहां से कैसे फरार हुआ इसका जवाब पुलिस के पास भी नहीं है। मुठभेड़ के बाद कई अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके चतुर्वेदी ने बताया कि नरेंद्र उर्फ कालू ने बागपत में व्यापारियों से रंगदारी मांगी थी। नहीं देने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर सात व्यापारियों के ऊपर अंधाधुंध फायरिंग की थी। जिसमें चार व्यापारियों की मौत हो गई थी। इस वारदात ने बागपत ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश हिलाकर रख दिया था। जिसे बागपत पुलिस तलाश कर रही थी उसे नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
नरेंद्र के ऊपर करीब एक दर्जन मुकदमें चल रहे हैं जिसमें हत्या, लूट तथा रंगदारी के मामले हैं। दिल्ली में भी एक हत्या के मामले में नरेंद्र वांछित चल रहा था। पुलिस ने यह मुठभेड़ एक्सप्रेस-वे पर सेक्टर-98 में सुनसान जगह पर की। जिसमें तीन गोलियां नरेंद्र को लगीं और उसे अस्पताल पहुंचाया गया मगर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में मुख्य भूमिका सेक्टर-39 कोतवाल अनिल समानिया व सलारपुर चौकी इंचार्ज टीजे सिंह सहित पांच पुलिसकर्मियों ने निभाई।