औद्योगिक योजना का ड्रा साथ करने का प्रयास
नोएडा। हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद नोएडा प्राधिकरण आवासीय योजना-2004 के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा है। इस योजना के तहत जिन सेक्टर में भूखंड आरक्षित किए थे, प्राधिकरण ने अब उन सेक्टरों के प्लाटों को ड्रॉ की प्रक्रिया से बाहर निकाल दिया है, जिसकी कीमतें अब आसमान छू रही है। हालहि में शुरू हुई औद्योगिक योजना नोएडा आईपी/2008-09/01 के ड्रा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट की सख्त हिदायत के बाद आखिरकार प्राधिकरण ने आवासीय योजना-2004 का ड्रा कराने का निर्णय कर लिया है। इसके लिए सार्वजनिक रूप से सूचना जारी कर दी गई। सूचना के मुताबिक सेक्टर-43 के सभी भूखंड, सेक्टर-44 और सेक्टर-50 के 117 भूखंडों को योजना से अलग कर दिए गए हैं। इन भूखंडों के स्थान पर अब सेक्टर-99 में के भूखंडों को शामिल किया गया है। जिन सेक्टरों के प्लाट 2004 योजना से अलग किए गए हैं उनके दाम आज आसमान छू रहे है। खुले बाजार में सेक्टर 43, 44 और 50 में जमीन की कीमत 60-70 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर है, जबकि अगर सेक्टर रेट की बात करें तो इन सेक्टरों में रेट 25 हजार से अधिक है, जबकि 99 सेक्टर हालहि में विकसित हुआ है, जिस कारण यहां भूमि की दर सबसे कम है। योजना में शामिल तीनों सेक्टर के 117 भूखंडों से प्राधिकरण को करोड़ों रुपए की आमदनी होगी।
सूचना के मुताबिक 42818 आवेदकों ने पैन नंबर अपने फार्म में नहीं दिया है। इन आवेदकों को ड्रा में शामिल किया जाएगा लेकिन आवंटन 2004 से पूर्व के पैन नंबर प्राप्ति के बाद ही किया जाएगा। पिछले ड्रा में धांधली के तहत लाभान्वित आवेदकों को भी इस ड्रा में शामिल किया जाएगा लेकिन उनका आवंटन भी सीबीआई की जांच पर भी निर्भर करेगा। एक परिवार से एक ही आवेदक स्वीकार्य होगा। जिन आवेदकों ने अपना पते की बजाय बैंक का पता दिया है उनका स्थाई पता व पत्र व्यवहार का पता मांगा गया है। इसके अलावा 345 आवेदन जब्ती के दायरे में आ रहे हैं।
प्राधिकरण के औद्योगिक भूखंडों की योजना के ड्रा की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उसके लिए आरिक्षत श्रेणी के त्रुटिपूर्ण आवेदकों को त्रुटि दूर करने के लिए आगामी 25 सितंबर तक का समय दिया गया है। त्रुटिपूर्ण सूची प्राधिकरण के गेट के अलावा उसकी वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
नोएडा। हाईकोर्ट की सख्ती के बावजूद नोएडा प्राधिकरण आवासीय योजना-2004 के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा है। इस योजना के तहत जिन सेक्टर में भूखंड आरक्षित किए थे, प्राधिकरण ने अब उन सेक्टरों के प्लाटों को ड्रॉ की प्रक्रिया से बाहर निकाल दिया है, जिसकी कीमतें अब आसमान छू रही है। हालहि में शुरू हुई औद्योगिक योजना नोएडा आईपी/2008-09/01 के ड्रा की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट की सख्त हिदायत के बाद आखिरकार प्राधिकरण ने आवासीय योजना-2004 का ड्रा कराने का निर्णय कर लिया है। इसके लिए सार्वजनिक रूप से सूचना जारी कर दी गई। सूचना के मुताबिक सेक्टर-43 के सभी भूखंड, सेक्टर-44 और सेक्टर-50 के 117 भूखंडों को योजना से अलग कर दिए गए हैं। इन भूखंडों के स्थान पर अब सेक्टर-99 में के भूखंडों को शामिल किया गया है। जिन सेक्टरों के प्लाट 2004 योजना से अलग किए गए हैं उनके दाम आज आसमान छू रहे है। खुले बाजार में सेक्टर 43, 44 और 50 में जमीन की कीमत 60-70 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर है, जबकि अगर सेक्टर रेट की बात करें तो इन सेक्टरों में रेट 25 हजार से अधिक है, जबकि 99 सेक्टर हालहि में विकसित हुआ है, जिस कारण यहां भूमि की दर सबसे कम है। योजना में शामिल तीनों सेक्टर के 117 भूखंडों से प्राधिकरण को करोड़ों रुपए की आमदनी होगी।
सूचना के मुताबिक 42818 आवेदकों ने पैन नंबर अपने फार्म में नहीं दिया है। इन आवेदकों को ड्रा में शामिल किया जाएगा लेकिन आवंटन 2004 से पूर्व के पैन नंबर प्राप्ति के बाद ही किया जाएगा। पिछले ड्रा में धांधली के तहत लाभान्वित आवेदकों को भी इस ड्रा में शामिल किया जाएगा लेकिन उनका आवंटन भी सीबीआई की जांच पर भी निर्भर करेगा। एक परिवार से एक ही आवेदक स्वीकार्य होगा। जिन आवेदकों ने अपना पते की बजाय बैंक का पता दिया है उनका स्थाई पता व पत्र व्यवहार का पता मांगा गया है। इसके अलावा 345 आवेदन जब्ती के दायरे में आ रहे हैं।
प्राधिकरण के औद्योगिक भूखंडों की योजना के ड्रा की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उसके लिए आरिक्षत श्रेणी के त्रुटिपूर्ण आवेदकों को त्रुटि दूर करने के लिए आगामी 25 सितंबर तक का समय दिया गया है। त्रुटिपूर्ण सूची प्राधिकरण के गेट के अलावा उसकी वेबसाइट पर देखी जा सकती है।