एसओ ने दोस्ती की खाती नहीं की कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा।
थाना कासना इलाके के गामा द्वितीय सेक्टर में पिता की लाईसेंसी पिस्टल ने 22 वर्षीय बेटी की जान ली। पुलिस ने इस मामले पर पर्दा डालने के लिए कानूनी कार्रवाई के बिना ही शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। हालांकि पुलिस इस मामले को आत्महत्या करार दे रही है, लेकिन मौकाए वारदात पर मिले साक्ष्य पुलिसिया कहानी से मेल नहीं खा रहे है। मृतक का नाम रवि भाटी बताया गया है। वह नोएडा के एमेटी से होटल मैनेजमेंट का कार्स कर रहा था। रवि के पिता विजय पाल प्रापर्टी डीलर हैं। पुलिस ने मौके से सूसाईड नोट मिलने से इंकार किया है।
पुलिस के मुताबिक रवि कालेज से आने के बाद अपने कमरे में जाकर सो गया, लेकिन रोजाना की तरह वह नहीं उठा। परिवार के अन्य सदस्य जब रवि के कमरे पर उसे उठाने के लिए पहूंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद विजय पाल ने दरवजा तोड़ दिया। कमरे में सामने पलंग पर रवि की लाश पड़ी थी। शव के पास विजय पाल की लाईसेंसी पिस्टल पड़ी थी। घटना की सूचना मिलते ही थाना कासना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस ने न तो शव को कब्जे में लिया और न ही पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस कार्रवाई के बिना शव का दाहसंस्कार करवा दिया गया। बताया जाता है कि कासना थाना प्रभारी और विजय पाल में पुरानी दोस्ती है, जिसे उसे इस मामले को दबा कर निभाया।
रवि के पास पिता की लाईसेंसी पिस्टल कैसे आई और उसे गोली कब और कैसे मारी इस बात का जवाब न तो परिवार के लोग दे पा रहे है और न ही पुलिस ने मामले की जांच करने जरूरी समझा। इसके अलाव और कई अनसूलझे सवाल हैं, जो पुलिस के आने वाले समय मुसिबत पैदा कर सकते हैं।
समाचार पर आम अपनी राय दे सकते हैं। कृपया मेल करें। noidabhaskar@gmail.com
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थाना कासना इलाके के गामा द्वितीय सेक्टर में पिता की लाईसेंसी पिस्टल ने 22 वर्षीय बेटी की जान ली। पुलिस ने इस मामले पर पर्दा डालने के लिए कानूनी कार्रवाई के बिना ही शव का अंतिम संस्कार करवा दिया। हालांकि पुलिस इस मामले को आत्महत्या करार दे रही है, लेकिन मौकाए वारदात पर मिले साक्ष्य पुलिसिया कहानी से मेल नहीं खा रहे है। मृतक का नाम रवि भाटी बताया गया है। वह नोएडा के एमेटी से होटल मैनेजमेंट का कार्स कर रहा था। रवि के पिता विजय पाल प्रापर्टी डीलर हैं। पुलिस ने मौके से सूसाईड नोट मिलने से इंकार किया है।
पुलिस के मुताबिक रवि कालेज से आने के बाद अपने कमरे में जाकर सो गया, लेकिन रोजाना की तरह वह नहीं उठा। परिवार के अन्य सदस्य जब रवि के कमरे पर उसे उठाने के लिए पहूंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर खटखटाने के बाद दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद विजय पाल ने दरवजा तोड़ दिया। कमरे में सामने पलंग पर रवि की लाश पड़ी थी। शव के पास विजय पाल की लाईसेंसी पिस्टल पड़ी थी। घटना की सूचना मिलते ही थाना कासना पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन पुलिस ने न तो शव को कब्जे में लिया और न ही पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस कार्रवाई के बिना शव का दाहसंस्कार करवा दिया गया। बताया जाता है कि कासना थाना प्रभारी और विजय पाल में पुरानी दोस्ती है, जिसे उसे इस मामले को दबा कर निभाया।
रवि के पास पिता की लाईसेंसी पिस्टल कैसे आई और उसे गोली कब और कैसे मारी इस बात का जवाब न तो परिवार के लोग दे पा रहे है और न ही पुलिस ने मामले की जांच करने जरूरी समझा। इसके अलाव और कई अनसूलझे सवाल हैं, जो पुलिस के आने वाले समय मुसिबत पैदा कर सकते हैं।
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