जयपुर, अहमदाबाद और बेंगलूर के बाद अभी दिल्ली दहली
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली आज शाम आधा दर्जन विस्फोटों से द
हल उठी इस घटना में 24 लोगों की हो गई और करीब 70 से अधिक लोग घायल हो गए। दिल्ली पुलिस को कनाट प्लेस क्षेत्र में दो जिंदा बम मिले जिन्हे एनएसजी के बम निरोधक दस्ते निशक्रिय कर दिया। बम को निशक्रिय करने के लिए पहली बार आधुनिक मशीन का इस्तेमाल किया गया। घायलों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।
बेंगलूर, जयपुर और अहमदाबाद में सीरियल बम धमाकों का मामला थोड़ा ठंडाते ही आतंकियों ने एक बार फिर नई कार्रवाई अंजाम दे दी। वह भी चेतावनी देकर। इस बार फिर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को निशाना बनाया गया। शनिवार शाम यहां तीन जगहों पर ३० मिनट के अंतराल पर एक के बाद एक चार धमाके हुए। अंतिम धमाका शाम ६।४० बजे हुआ। इन धमाकों में २० लोगों के मारे जाने और लगभग १०० लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इस बीच पुलिस ने धमाकों के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और इनमें से एक के धमाकों का मास्टरमाइंड होने का दावा किया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अजय कश्यप के अनुसार कनाट प्लेस तथा इंडिया गेट और रिगल के पास से एक-एक जिंदा बम बरामद किया गए है, जिनको निष्क्रिय कर दिया गया है।
बताया जाता है कि धमाकों से पहले इंडियन मुजाहिदीन की ओर से एक ई-मेल मुंबई से भेजा गया था। इस ई-मेल में कहा गया था कि पांच मिनट में दिल्ली में धमाके होने वाले हैं, रोक सको तो रोक लो। हालांकि पुलिस का कहना है कि बिना जांच किए इस धमाके के लिए किसी संगठन को जल्दबाजी में जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उधर, मुंबई पुलिस [एटीएस] के अतिरिक्त आयुक्त परमबीर सिंह के अनुसार मेल का इंटरनेट प्रोटोकाल एड्रेस मुंबई का होने का पता चला है।
सभी धमाके भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हुए हैं। आतंकियों ने दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस में धमाका किया। साथ ही, करोल बाग इलाके में गफ्फार मार्केट और ग्रेटर कैलाश-१ में भी बम विस्फोट किए गए। इन तीनों इलाकों में सुबह से ही देर रात तक काफी भीड़ रहती है। शनिवार को कई दफ्तरों में छुट्टी की वजह से भीड़ कुछ ज्यादा ही रहती है। लोग मौज-मस्ती, खरीददारी या कारोबार के लिए जुटते हैं।
पहला धमाका करोल बाग इलाके में इलेक्ट्रानिक सामान के लिए मशहूर गफ्फार मार्केट में शाम ६.१० बजे हुआ। बताया जाता है कि विस्फोटक एक आटो में रखा था। इस धमाके में कम से कम २० लोग जख्मी हुए और कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को पास के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कुछ ही देर बाद कनाट प्लेस में दो धमाके हुए। इनमें दस लोगों के घायल होने की खबर है। दो और धमाके ग्रेटर कैलाश-१ के एम ब्लाक में हुए। यहां बताया जाता है कि विस्फोटक कूड़ेदान में रखे गए थे।
धमाकों के बाद दिल्ली में सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य उत्त्तार प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
पहले भी दहलती रही है दिल्ली
विस्फोटो के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट का मखौल
दिल्ली में कई स्थानों पर सिरियल ब्लास्ट के बाद यू तो दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया, लेकिन दिल्ली के ऐंट्री और एग्जिस्ट पाइंट पर चैकिंग के नाम पर न तो पुलिस कर्मी दिखाई दिए और न ही बैरिकेटिंग लगे मिले। धमकों के बाद मिले दिल्ली के हर उस पाइंट को चैक किया जहां से दिल्ली से बाहर आया और जाया जा सकता था। हमे विश्वास था कि दिल्ली पुलिस विस्फोट के बाद ज्यादा मुस्तैद होगी और सीमा क्षेत्र में कड़ी चौकसी बरती जा रही होगी। विस्फोट के बाद भी दिल्ली में हाई अलर्ट और सुरक्षा के नाम पर यह मजाक नहीं तो और क्या है?
२९ अक्टूबर २००५: सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी में हुए धमाकों में ५९ लोग मारे गए व १५५ घायल हुए।
१३ दिसंबर २००१: संसद पर हुए हमले में ११ लोग मारे गए और ३० घायल हो गए।
१८ जून २०००: लाल किले पर हुए हमले में २ लोग मारे गए।
१६ अप्रैल १९९९: होलंबीकलां रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके में २ लोग मारे गए।
२६ जुलाई १९९८: अंतरराज्यीय बस अड्डे पर हुए विस्फोट में २ लोगों की मौत, ३ घायल।
३० दिसंबर १९९७: पंजाबी बाग में हुए विस्फोट में ४ लोग मारे गए तथा ३० घायल।
३० नवंबर १९९७ : चांदनी चौक में हुए धमाके में ३ लोग मारे गए और ७३ घायल हो गए।
१ अक्टूबर १९९७: फ्रंटियर मेल में हुए धमाके में ३ लोग मारे गए।
समाचार पर आम अपनी राय दे सकते हैं।
कृपया मेल करें। noidabhaskar@gmail.com
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली आज शाम आधा दर्जन विस्फोटों से द
हल उठी इस घटना में 24 लोगों की हो गई और करीब 70 से अधिक लोग घायल हो गए। दिल्ली पुलिस को कनाट प्लेस क्षेत्र में दो जिंदा बम मिले जिन्हे एनएसजी के बम निरोधक दस्ते निशक्रिय कर दिया। बम को निशक्रिय करने के लिए पहली बार आधुनिक मशीन का इस्तेमाल किया गया। घायलों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है।बेंगलूर, जयपुर और अहमदाबाद में सीरियल बम धमाकों का मामला थोड़ा ठंडाते ही आतंकियों ने एक बार फिर नई कार्रवाई अंजाम दे दी। वह भी चेतावनी देकर। इस बार फिर से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को निशाना बनाया गया। शनिवार शाम यहां तीन जगहों पर ३० मिनट के अंतराल पर एक के बाद एक चार धमाके हुए। अंतिम धमाका शाम ६।४० बजे हुआ। इन धमाकों में २० लोगों के मारे जाने और लगभग १०० लोगों के घायल होने की खबर है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इस बीच पुलिस ने धमाकों के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है और इनमें से एक के धमाकों का मास्टरमाइंड होने का दावा किया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अजय कश्यप के अनुसार कनाट प्लेस तथा इंडिया गेट और रिगल के पास से एक-एक जिंदा बम बरामद किया गए है, जिनको निष्क्रिय कर दिया गया है।
बताया जाता है कि धमाकों से पहले इंडियन मुजाहिदीन की ओर से एक ई-मेल मुंबई से भेजा गया था। इस ई-मेल में कहा गया था कि पांच मिनट में दिल्ली में धमाके होने वाले हैं, रोक सको तो रोक लो। हालांकि पुलिस का कहना है कि बिना जांच किए इस धमाके के लिए किसी संगठन को जल्दबाजी में जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उधर, मुंबई पुलिस [एटीएस] के अतिरिक्त आयुक्त परमबीर सिंह के अनुसार मेल का इंटरनेट प्रोटोकाल एड्रेस मुंबई का होने का पता चला है।
सभी धमाके भीड़-भाड़ वाले इलाकों में हुए हैं। आतंकियों ने दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस में धमाका किया। साथ ही, करोल बाग इलाके में गफ्फार मार्केट और ग्रेटर कैलाश-१ में भी बम विस्फोट किए गए। इन तीनों इलाकों में सुबह से ही देर रात तक काफी भीड़ रहती है। शनिवार को कई दफ्तरों में छुट्टी की वजह से भीड़ कुछ ज्यादा ही रहती है। लोग मौज-मस्ती, खरीददारी या कारोबार के लिए जुटते हैं।
पहला धमाका करोल बाग इलाके में इलेक्ट्रानिक सामान के लिए मशहूर गफ्फार मार्केट में शाम ६.१० बजे हुआ। बताया जाता है कि विस्फोटक एक आटो में रखा था। इस धमाके में कम से कम २० लोग जख्मी हुए और कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को पास के राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कुछ ही देर बाद कनाट प्लेस में दो धमाके हुए। इनमें दस लोगों के घायल होने की खबर है। दो और धमाके ग्रेटर कैलाश-१ के एम ब्लाक में हुए। यहां बताया जाता है कि विस्फोटक कूड़ेदान में रखे गए थे।
धमाकों के बाद दिल्ली में सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्य उत्त्तार प्रदेश, हरियाणा और पंजाब में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
पहले भी दहलती रही है दिल्ली
विस्फोटो के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट का मखौल
दिल्ली में कई स्थानों पर सिरियल ब्लास्ट के बाद यू तो दिल्ली पुलिस ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया, लेकिन दिल्ली के ऐंट्री और एग्जिस्ट पाइंट पर चैकिंग के नाम पर न तो पुलिस कर्मी दिखाई दिए और न ही बैरिकेटिंग लगे मिले। धमकों के बाद मिले दिल्ली के हर उस पाइंट को चैक किया जहां से दिल्ली से बाहर आया और जाया जा सकता था। हमे विश्वास था कि दिल्ली पुलिस विस्फोट के बाद ज्यादा मुस्तैद होगी और सीमा क्षेत्र में कड़ी चौकसी बरती जा रही होगी। विस्फोट के बाद भी दिल्ली में हाई अलर्ट और सुरक्षा के नाम पर यह मजाक नहीं तो और क्या है?
२९ अक्टूबर २००५: सरोजिनी नगर, पहाड़गंज, गोविंदपुरी में हुए धमाकों में ५९ लोग मारे गए व १५५ घायल हुए।
१३ दिसंबर २००१: संसद पर हुए हमले में ११ लोग मारे गए और ३० घायल हो गए।
१८ जून २०००: लाल किले पर हुए हमले में २ लोग मारे गए।
१६ अप्रैल १९९९: होलंबीकलां रेलवे स्टेशन पर हुए धमाके में २ लोग मारे गए।
२६ जुलाई १९९८: अंतरराज्यीय बस अड्डे पर हुए विस्फोट में २ लोगों की मौत, ३ घायल।
३० दिसंबर १९९७: पंजाबी बाग में हुए विस्फोट में ४ लोग मारे गए तथा ३० घायल।
३० नवंबर १९९७ : चांदनी चौक में हुए धमाके में ३ लोग मारे गए और ७३ घायल हो गए।
१ अक्टूबर १९९७: फ्रंटियर मेल में हुए धमाके में ३ लोग मारे गए।
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