6 जिंदा सेल बरामदमेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में आज दोपहर हुए एक तेज धमाके ने 5 लोगों को मौत की नींद सुला दिया। मरने वालों में 3 बच्चें भी शामिल हैं। मृतकों के नाम रज्जाक हुसैन, सैदुल अली, ईशाक अली, इंदू व सुहेब शामिल हैं।
धमाका शहर की आशियाना कॉलोनी के पीछे बसी झुग्गी बस्ती में हुआ है। यहां असम और पश्चिम बंगाल के लोग रहते हैं, जो कूड़ा बिनकर अपना गुजारा करते है। धमाके में 7 से अधिक लोगों के जख्मी होने की भी खबर है, जिन्हे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर भा
री पुलिस बंदोबस्त किया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर ईलाके की नकाबंदी कर दी गई है। पुलिस ने मौके से 12 एमएम के 6 जिंदा मोर्टार सेल्स भी बरामद किए है, जिन्हें बम निरोधक दस्ते के हवाले कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने घटना में मारे गए लोगों के लिए 1 लाख रूपए, मृतक बच्चों के परिजनों को 50 हजार रूपए और घायलों को 30 हजार रूपए की सहायता देने की घोषणा की है।पुलिस ने धमाके को आतंकी घटना से जुड़ा होने से इंकार किया है। शनिवार की सुबह कैंटोमेंट एरिया में कूड़े से कबाड़ बिनने गए तीन बच्चों को नाले से 7 मोर्टार सेलस मिले, जिनमें से बच्चों ने
2-2 सेलस आपस में बांट लिए और बाकि बचे एक सेल को पत्थर पर रख कर तौड़ने लगे। वह सेल से पितल निकालने का प्रयास कर रहे थे। प्रहार करते ही तेज धमाके के साथ तीनों बच्चों के परखच्चे उड़ गए। पास की झुग्गियों में रहने वाले 9 लोग भी धमाके की चपेट में आ गए, जिनमें दो की मौत हो गई।दरअसल इन झोपड़ियों में पश्चिम बंगाल और असम से आकर लोग बसे हैं। ये कूड़ा बीनकर अपना जीवन-यापन करते हैं। घालयों को जिला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पु
लिस कचरे में तलाश कर रही है कि कहीं कूड़े के ढेर में और बिस्फोटक तो नहीं रखा है। पुलिस के मुताबिक जिस कूड़े के ढेर में धमाके हुए उसे मेरठ कैंट से लाया गया था।मेरठ जोन के आईजी गुरूदर्शन सिंह के मुताबिक सेना में सेल व अन्य विस्फोटकों को नष्ट करने के लिए ठेकेदारों को काम दिया जाता है। इस तरह की घटना दूबारा न हो इसके लिए सेना के अधिकारियों से बात करेंगे।