नई दिल्ली। रविवार की देर रात सुखदेव विहार में रहने वाले बुजुर्ग दंपती पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों लूट के इरादे से घर में दाखिल हुए, जिन्होंने विरोध के बाद बुजुर्ग दंपती हमला कर दिया इस घटना में बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि बुजुर्ग महिला गंभीर रूग से घायल हो गई। राजधानी में बुजुर्गों की हत्या का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले भी दिल्ली में बदमाश इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
सुखदेव विहार के मकान नंबर 81 में हुए इस कत्ल ने न सिर्फ दिल्ली पुलिस के दावों की कलई खोलकर रख दी बल्कि एक बार फिर ये आशंका सच साबित कर दी कि राजधानी में बुजुर्ग महफूज नहीं हैं। कल तक इस घर में 80 साल के एम एम गुलाटी अपनी 75 साल की पत्नी प्रभा गुलाटी के साथ रहते थे। उनकी बेटी और बेटा अमेरिका में रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे कुछ अनजान लोग चोरी के मकसद से उनके घर में घुसे लेकिन गुलाटी दंपत्ति को चोरों का पता चल गया और जब उन्होंने उनका विरोध करना चाहा तो लुटेरों ने उन्हें चाकू से गोद डाला। इसमें एमएम गुलाटी की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी प्रभा गुलाटी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
लुटेरों ने गुलाटी दंपत्ति पर वार करने के लिए उनके घर के ही चाकू का इस्तेमाल किया। वैसे हैरानी की बात ये भी है कि इस घर में किराये से रहने वाले परिवार को आधी रात को चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं लेकिन डर के चलते वो बाहर ही नहीं निकले।
सुखदेव विहार के मकान नंबर 81 में हुए इस कत्ल ने न सिर्फ दिल्ली पुलिस के दावों की कलई खोलकर रख दी बल्कि एक बार फिर ये आशंका सच साबित कर दी कि राजधानी में बुजुर्ग महफूज नहीं हैं। कल तक इस घर में 80 साल के एम एम गुलाटी अपनी 75 साल की पत्नी प्रभा गुलाटी के साथ रहते थे। उनकी बेटी और बेटा अमेरिका में रहते हैं।
पुलिस के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे कुछ अनजान लोग चोरी के मकसद से उनके घर में घुसे लेकिन गुलाटी दंपत्ति को चोरों का पता चल गया और जब उन्होंने उनका विरोध करना चाहा तो लुटेरों ने उन्हें चाकू से गोद डाला। इसमें एमएम गुलाटी की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी प्रभा गुलाटी का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
लुटेरों ने गुलाटी दंपत्ति पर वार करने के लिए उनके घर के ही चाकू का इस्तेमाल किया। वैसे हैरानी की बात ये भी है कि इस घर में किराये से रहने वाले परिवार को आधी रात को चीखने चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं लेकिन डर के चलते वो बाहर ही नहीं निकले।