भिवानी। हरियाणा पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में एक छात्र को मार गिराया। पुलिस को मोस्ट वॉन्टेड क्रिमिनल दारा सिंह की तलाश थी। मरने वाले छात्र का नाम कुलदीप है, जो बीए का स्टूडेंट था। एनकाउंटर हिसार पुलिस ने भिवानी में जाकर किया। घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने भिवानी में जामकर तौड़फौड़ कर सड़क पर जाम लगा दिया। 22 वर्षीय कुलदीप की 15 दिन बाद शादी होनी थी। शादी की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी।
पुलिस को भिवानी में एक बदमाश के आने की सूचना मिली थी जिसके आधार पर पुलिस ने भिवानी के पास नाकेबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सामने से एक गाड़ी आती दिखाई दी। नजदीक पहूंदने पर पुलिस ने आनन-फानन पुष्टि किए बिना फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। कुलदीप भिवानी के वैश कॉलेज में बीए का छात्र था। फर्जी एनकाउंटर के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है।
वैश कॉलेज के छात्रों ने भिवानी में जमकर तोड़फोड़ किया। गुस्साए छात्रों ने कई सड़कों पर जाम लगा दिया है। मामले को बढ़ते देख पुलिस के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में एक पुलिस वाले को गिरफ्तार कर न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कुलदीप की मौत गलती स्वीकार कर ली है। हरियाणा सरकार ने कुलदीप की मौत पर दुख जताते हुए उसके परिजनों को मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है।
पुलिस को भिवानी में एक बदमाश के आने की सूचना मिली थी जिसके आधार पर पुलिस ने भिवानी के पास नाकेबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सामने से एक गाड़ी आती दिखाई दी। नजदीक पहूंदने पर पुलिस ने आनन-फानन पुष्टि किए बिना फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें कुलदीप की मौके पर ही मौत हो गई। कुलदीप भिवानी के वैश कॉलेज में बीए का छात्र था। फर्जी एनकाउंटर के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है।
वैश कॉलेज के छात्रों ने भिवानी में जमकर तोड़फोड़ किया। गुस्साए छात्रों ने कई सड़कों पर जाम लगा दिया है। मामले को बढ़ते देख पुलिस के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में एक पुलिस वाले को गिरफ्तार कर न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही कुलदीप की मौत गलती स्वीकार कर ली है। हरियाणा सरकार ने कुलदीप की मौत पर दुख जताते हुए उसके परिजनों को मुआवजे के तौर पर 5 लाख रुपए और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है।
8 पुलिसवालों पर केस दर्ज : फर्जी एनकाउंटर करने के आरोप में 8 पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों पर शराब पीकर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि हरियाणा में इस तरह का फर्जी एनकाउंटर कोई नया नहीं है इससे पहले भी जून 2008 में इसी तरह का फर्जी एनकाउंटर किया गया था। जिससे शाबिद होता है कि पुलिस जब चाहती है फर्जी एनकाउंटर कर देती है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। एक बेकसूर छात्र का फर्जी एनकाउंटर के बाद यह तो साफ हो गया है कि हरियाणा में लॉ एंड ऑर्डर खत्म हो चुका है।