पूर्व मिस मेरठ ने रंगे मां-बाप के कत्ल से हाथ

सुंदर चेहरे के पिछे घिनौनी हरकत
मेरठ। एक खूबसूरत मॉडल ने अपने ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया। बेटी अपने मां-बाप से बेहद नफरत करती थी। नफरत की वजह बेहद मामुली थी। लड़की को लड़की को मां-बाप की टोका-टाकी बर्दाशत नही हुई। आरोपी लड़की का नाम प्रियंका बताया गचा है। प्रियंका चार साल पहले मिस मेरठ का खिताब जीत चुकी है। पुलिस ने इस मामले में प्रियंका और उसकी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। 11 नवंबर 2008 को मेरठ के एक घर से दो लाशें निकलीं। घऱ के मालिक प्रेमवीर सिंह और उनकी पत्नी संतोष का बड़ी ही बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। पुलिस तफ्तीश में जुटी थी लेकिन कातिल इतना शातिर था कि उसने कोई सुराग नहीं छोड़ा था। 7 दिन की तफ्तीश के बाद आखिरकार कातिल पुलिस की पकड़ में आ ही गईं।
प्रियंका की मानें तो उसका भाई उसे अक्सर न सिर्फ मारता-पीटता था बल्कि वो उसे अपने मां-बाप की नाजायज औलाद भी कहता था। इनता ही नहीं, उसके भाई ने उसकी लव मैरिज की बात भी फैला दी थी। प्रियंका की मानें तो भाई के जुल्मों से तंग आकर ही उसने घर छोड़ दिया। फिर उसकी मुलाकात अंजू से हुई। अंजू की कहानी भी प्रियंका से मिलती जुलती थी। बस दोनों में दोस्ती हो गई। प्रियंका के मुताबिक वारदात की रात वो अपने मां-बाप से मिलने गई थी लेकिन वहां उसकी अपनी ही मां से गाली-गलौज हो गई। गुस्से में उसने मां का गला दबा दिया।
जब मां मर गई तो एक घंटे तक वो उसी कमरे में बैठी रहीं लेकिन तभी उसके पिता भी वहां आ गए और मजबूरन प्रियंका को उन्हें भी मारना पड़ा। हत्या के बाद ये दोनों सहेलियां चुपचाप घर से निकल गईं। पुलिस की छानबीन में इनके पास से पचास हजार रुपए, सर्टिफिकेट, वसीयत की कॉपी, बैंक चेक बुक और पासबुक बरामद हुआ है।
हत्याओं के पीछे प्रियंका ने अपने भाई गौरव और माता-पिता के भेदभावपूर्ण व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा कि गौरव उसकी पिटाई करता था और उसे नाजायज औलाद बताता था। यही बात उसे चुभती थी। प्रियंका और उसकी सहेली को टीपीनगर क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूरी घटना का खुलासा कर दिया है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
गत सोमवार मेडिकल कालेज थाना क्षेत्र के तहत प्रेमप्रयाग कालोनी में दोहरे कत्ल की घटना हुई और आज उसका अनावरण कर दिया गया। एसएसपी रघुवीर लाल ने बताया कि प्रियंका घर में काफी उपेक्षित थी। जेपी एकेडमी से प्रारंभिक शिक्षा के बाद उसने गंगाप्लाजा में फैशन डिजाइनिंग से डिप्लोमा किया। कप्तान के मुताबिक, परिवार के उत्पीड़न से तंग आकर ही उसने महिला आयोग में शिकायत दर्ज करायी थी जिस पर परिवार के लोगों का जवाब तलब हुआ था। आयोग के लिए उसे अपने सर्टिफिकेट की बेहद जरूरत थी जिन्हें अपनी सहेली अंजू के साथ वह दस नवंबर की शाम को अपने घर लेने गई थी। अंजू अमरोहा देहात क्षेत्र की रहने वाली है और उसके पिता की मौत के बाद चाचा ने उसकी मां से शादी करके रख लिया। वह भी परिवार के शोषण का शिकार होने के कारण ही प्रियंका के काफी करीब आ गई थी।

SANJAY SHARMA

मैं पिछले 19 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हूं। मैने अपने कैरियर की शुरूवात लोकल अखबारों से की। इसके बाद मुझे वर्ष 2001 में दैनिक भास्कर के साथ जुड़ने का अवसर मिला। 2008 की शुरूवात में दैनिक भास्कर का साथ छुटा। इसके बाद मैने इंडिया न्यूज में गाजियबाद-नोएडा में ब्यूरो प्रभारी के रूप में काम किया। इसके बाद कई समाचार पत्रों में काम करने के बाद अक्टूबर 2009 में एनसीआर टुडे समाचार पत्र शरू किया। वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकार हूँ। मेरे मोबाइल नंबर 9899683800,पर किया जा सकता है।

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